Thursday, November 17, 2011

हमारे नेता पर आत्मघाती प्रहार

जनचेतना यात्रा में आडवाणी पर हमले की साज़िश होने में कोई आश्चर्य की बात नहीं । क्योंकि पहले भी कई बार भारत में ऐसी आपराधिक योजनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।ये नहीं भूला जाना चाहिए कि कुछ ही महीनों में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।ज़ाहिर है विपक्षी दल जनचेतना यात्रा को भाजपा का एक चुनावी तीर मानेंगे जिसका निशाना वर्तमान में वोट बैंक बनाने के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं दिखता। इसका प्रमाण यह है इस यात्रा का चुनाव से ठीक पहले होना।
वैसे इस हमले से कहीं न कहीं पाकिस्तान में हुए एक हमले की याद आती है ऐसी ही रैली , लोगों का जमघट , चाक चौबंद सुरक्षा लेकिन अंजाम कुछ और। चारों ओर था मातम का माहौल। पाकिस्तान ने खोया था एक महान नेता । हां यहां बात हो रही है बेनज़ीर भुट्टो की ।एक बेजोड़ शख्सियत । बदक़िस्मती से आपराधिक साज़िश ने ले लिया था विकराल रूप। लेकिन कहते हैं जो होता है वह अच्छे के लिए होता है खुशनसीब हैं भाजपा के वरिष्ठ नेता और भारत की जनता।
लेकिन विचारणीय है कि आखिर आम जनता का कोई शख्स क्यूं इस महान नेता पर हमला करना चाहेगा, या राजनीति के कोरे कागज़ को फिर किसीलेखक ने काली स्याही से रंगने की कोशिश की है पता नहीं। लेकिन यह तो निर्धारित है कि एक आत्मघाती वार करने की पूरी साज़िश तैयार की जा चुकी थी ।वह तो भला हो सुरक्षा व्यवस्था का जिसने मुस्तैदी दिखाई अन्यथा अंजाम भयावह भी हो सकता था।
ख़ैर कुछ भी हो लेकिन भारत की भूमि पर ऐसे महान नेता पर ऐसा प्रहार हंहंहंहंहंह.............

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